शिवपुरीः जिले के कोलारस के पास स्थित राई गांव में भैरों बाबा के मंदिर पर दो दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया गया। यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और हर साल मोहर छठ और संतान साते के पर्व पर आयोजित होता है। इस वर्ष भी, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, और यहां तक कि राजस्थान से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे।
इस मेले से जुड़ी मान्यता के अनुसार, जब मवेशी बीमार हो जाते हैं या दूध देना बंद कर देते हैं, तो भैरों बाबा की 'बंद' लगाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि बाबा की भभूति (राख) से मवेशी जल्दी ठीक हो जाते हैं और उन्हें आराम मिलता है।
इसी विश्वास के कारण, दूर-दराज से लोग अपने पशुओं की अच्छी सेहत के लिए बाबा से प्रार्थना करने आते हैं।
यह मेला भक्तों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बन गया है, जहां वे न केवल दर्शन करते हैं, बल्कि अपनी परंपराओं को भी साझा करते हैं।