खनियांधाना कस्बे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार बेहद उत्साह, उल्लास और अनूठे अंदाज में मनाया गया। मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा स्थानीय गोविंद बिहारी मंदिर से दोपहर में निकला विशाल चल समारोह, जिसमें डीजे की धुन, ढोल-नगाड़ों की गड़गड़ाहट और बाहर से आए कलाकारों के कलाकारों 'दिल दिल घोड़ी' नृत्य ने सड़क पर चल रहे हर शख्स का दिल जीत लिया।
कृष्णभक्ति में डूबा यह चल समारोह गोविंद बिहारी मंदिर से आरंभ होकर नया बस स्टैंड, रेंज चौराहा, पुरानी अस्पताल चौराहा, गांधी चौक, पुरानी नगर पालिका चौराहा और टेकरी मंदिर मार्ग से होता हुआ नरसिंह तालाब से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित द्वारकाधीश मंदिर पहुंचा। यहां से दर्शन और परिक्रमा के उपरांत चल समारोह वापस ससम्मान गोविंद बिहारी मंदिर पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में गिर्राज समिति के सदस्यों द्वारा श्रद्धालुओं को जगह-जगह फल वितरित किए गए।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कस्बे के मंदिरों को भव्य रूप से दुल्हन की तरह सजाया गया था। भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की प्रतिमाओं का अलौकिक श्रृंगार देखते ही बन रहा था। इस धार्मिक उल्लास में सियासी और सामाजिक सौहार्द की अनूठी तस्वीर भी देखने को मिली। चल समारोह में क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह लोधी और जनप्रतिनिधि पंजाब सिंह यादव ने युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शिरकत की और भगवान की आराधना की।
इतनी बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ और रूट की लंबाई को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल हर चौराहे पर चाक-चौबंद रूप से तैनात रहा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।