शिवपुरी। जिले के करेरा नगर में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब न्यायालय जा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता संजय सक्सेना की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना जंगलात क्षेत्र के पास हुई, जहां सुनसान होने के कारण आरोपियों को वारदात अंजाम देने में आसानी हुई।
परिजनों ने पहले ही जताया था संदेह
मृतक के भाई अनिल सक्सेना ने प्रारंभिक बातचीत में आशंका जताई थी कि हत्या सुपारी देकर करवाई गई है। उन्होंने कमलेश शर्मा और सुनील शर्मा के नाम लिए थे, जो बाद में पुलिस जांच में इस हत्याकांड के सूत्रधार निकले।
10 लाख में दी गई थी सुपारी
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने खुलासा किया कि संजय सक्सेना एक जमीन संबंधी प्रकरण में पैरवी कर रहे थे। इसी मामले को लेकर कमलेश शर्मा और सुनील शर्मा उनसे नाराज थे और नहीं चाहते थे कि वे केस लड़ें। समझौता न होने पर दोनों ने 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी दे दी।
सचिन रावत ने भाड़े के शूटरों की व्यवस्था की। 2 लाख रुपये एडवांस देकर डबरा निवासी पपेद्र सिंह रावत तथा बड़ौनी (दतिया) के जहीर खान और गोलू उर्फ राजकुमार रावत को वारदात अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
एक दिन की रेकी, फिर वारदात
आरोपियों ने एक दिन पहले इलाके की रेकी की। शनिवार सुबह बाइक से जा रहे अधिवक्ता को रोककर छाती में कट्टे से एक गोली मारी और फरार हो गए।
18 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा
एसपी ने बताया कि साइबर टीम की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई। अलसुबह चिरली तिराहे के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस ने दावा किया कि 18 घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश कर आरोपियों को दबोच लिया गया।