शिवपुरी: जिले के खनियाधाना तहसील के अंतर्गत आने वाले मुहांसा गाँव में दो पक्षों में खूनी विवाद हो गया विवाद इतना बढ़ गया कि विवाद ने खुनी संघर्ष ले लिया और तलवार और चाकूओं से हमला किया गया
रविवार सुबह सरपंच राजेंद्र सिंह यादव के बेटे युधिष्ठिर यादव की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पंचायत की सरकारी जमीन को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश इस वारदात की बड़ी वजह हो सकती है।
मृतक के परिजन शिवपाल यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत में बिजली पावर हाउस निर्माण प्रस्तावित था, जिसके लिए शासकीय जमीन की आवश्यकता थी। आरोप है कि जिस सरकारी जमीन पर कप्तान यादव का कब्जा था, उसे पावर हाउस निर्माण के लिए उपलब्ध कराने की अनुशंसा सरपंच राजेंद्र सिंह यादव ने लिखित रूप में की थी
बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कप्तान यादव और उसके बेटों ने सरपंच परिवार से रंजिश पाल ली थी। यह रंजिश रविवार को हुए विवाद में खुलकर सामने आ गई।
बाइक पर ट्रैक्टर चढ़ाया, फिर किया हमला सरपंच
राजेंद्र सिंह यादव उम्र 62 साल के अनुसार रविवार सुबह के करीब 8:30 बजे वे अपने बेटे युधिष्ठिर यादव के साथ आदिवासी मोहल्ला पुरवा सिमला में मजदूर लेने गए थे। दोनों ने वीरन आदिवासी के घर के सामने मोटरसाइकिल खड़ी की और मजदूरों से बातचीत करने लगे।
इसी दौरान गांव का धर्मेंद्र यादव ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचा और रोड पर मोटरसाइकिल खड़ी करने को लेकर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने कथित तौर पर ट्रैक्टर बाइक पर चढ़ा दिया, जिससे मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई।
इसके बाद धर्मेंद्र यादव ने अपने पिता कप्तान यादव, भाई सतेंद्र यादव और मां कमला बाई यादव को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि कप्तान यादव तलवार और कुल्हाड़ी लेकर आया और युधिष्ठिर पर ताबड़तोड़ वार किए। तलवार का वार उसके सीने में और कुल्हाड़ी का वार पेट में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया