शिवपुरी में दो दिवसीय गौ-रक्षा संदेश पदयात्रा का रविवार शाम राजराजेश्वरी मंदिर पर समापन हो गया। इस पदयात्रा का उद्देश्य गौ-सेवा को बढ़ावा देना, गौ-संरक्षण को मजबूत करना और गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाना था।
शहर की सीमा में प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौ-भक्त और सामाजिक संगठनों के लोग पदयात्रा से जुड़ गए। यह यात्रा थीम रोड, गुरुद्वारा चौराहा और राजराजेश्वरी रोड से होते हुए मंदिर परिसर पहुंची।
मंदिर परिसर में गुरु राजेश जी महाराज ने सबसे पहले मां राजराजेश्वरी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने गौ-माता की रक्षा और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर गुरु राजेश जी महाराज ने गौ-माता को भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण जीवन की आधारशिला बताया।
मांगों पर निर्णय लेने की अपील
उन्होंने सरकार से गौ-हत्या पर प्रभावी और पूर्ण प्रतिबंध लागू करने, शासकीय गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने तथा गोपालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रतिमाह निश्चित मानदेय देने जैसी मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने से किसानों और समाज दोनों को लाभ मिलेगा।
गुरु राजेश जी महाराज ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौ-संरक्षण के प्रति जन-जागरण का एक अभियान है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान गांव-गांव और शहर में लोगों का व्यापक समर्थन मिला, जो इस विषय पर समाज की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
दो दिन तक चली इस पदयात्रा की शुरुआत बैकुण्ठधाम आश्रम एनवारा (बदरवास) से हुई थी। यह यात्रा देहरदा, लुकवासा, कोलारस, पड़ोरा और सेसई सहित विभिन्न स्थानों से होते हुए रविवार शाम शिवपुरी पहुंची, जहां राजराजेश्वरी मंदिर में इसका विधिवत समापन किया गया।