पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर दिल्ली में बड़ा आंदोलन, संसद सत्र के दौरान होगा शक्ति प्रदर्शन ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन की महापंचायत में 100 से अधिक संगठनों ने लिया हिस्सा, नवंबर-दिसंबर में दिल्ली कूच की तैयारी

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शिवपुरी। पुरानी पेंशन योजना की बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर देशभर के कर्मचारी संगठन एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल के नेतृत्व में रविवार को दिल्ली में आयोजित महापंचायत में देशभर के 100 से अधिक कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। महापंचायत में आगामी नवंबर-दिसंबर 2026 में संसद सत्र के दौरान दिल्ली में बड़े आंदोलन का निर्णय लिया गया। फेडरेशन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी जनक सिंह रावत ने बताया कि देशभर के लाखों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संसद सत्र के दौरान दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जब ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात करती है तो फिर 'एक देश, एक पेंशन’ के मामले में अलग-अलग व्यवस्था क्यों कर्मचारियों की मांग है कि पुरानी पेंशन योजना के सभी लाभ बहाल किए जाएं।

आठवें वेतन आयोग का लाभ 1 जनवरी 2026 से देने की मां
महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के साथ ही आठवें वेतन आयोग को जल्द लागू करनेऔर इसका लाभ 1 जनवरी 2026 से दिए जाने की मांग उठाई।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

25 लाख शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग
महापंचायत में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। फेडरेशन ने दावा किया कि देश के करीब 25 लाख शिक्षकों को टीईटी देने के प्रावधान से प्रभावित होना पड़ रहा है। डॉ. पटेल ने कहा कि इस संबंध में संसद का विशेष अधिवेशन बुलाकर संबंधित अधिनियम को समाप्त किया जाए और शिक्षकों को इस परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।

देशभर में आंदोलन की तैयारी शुरू करने का आह्वान
महापंचायत में आगामी आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए देशभर के कर्मचारी संगठनों से तैयारियां शुरू करने का आह्वान किया गया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि नवंबर-दिसंबर में संसद सत्र के दौरान दिल्ली में होने वाले आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। महापंचायत में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड सहित विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 300 पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष विनोद यादव ने किया। उत्तर प्रदेश से क्रांति सिंह, अंकुर त्रिपाठी, प्रदीप सिंह सरल और नीरज पटेल, जबकि मध्य प्रदेश से भरत पटेल, नीरज त्रिपाठी, राकेश राय और जनक सिंह रावत सहित विभिन्न पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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