शिवपुरी। सागर जिले के बंडा में शराब पीने से हुई मौतों के बाद जहां प्रशासन अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में जुटा है, वहीं इसका असर अब शिवपुरी में भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को शिवपुरी जिले के नया अमोला में शराब के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश उस समय सड़क पर उतर आया, जब आधा सैकड़ा से अधिक महिलाएं हाथों में लाठियां लेकर एकजुट हो गईं। महिलाओं ने पहले कथित रूप से कच्ची शराब तैयार करने वाले ठिकाने पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। इसके बाद उनका जत्था गांव में संचालित अंग्रेजी-देशी शराब की दुकान पर पहुंच गया। महिलाओं ने दुकान में घुसकर शराब की बोतलों और पेटियों में लाठियां बरसाना शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हंगामे से दुकान के कर्मचारी घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए मौके से बाहर निकल गए।
बोतलें टूटने के बाद दुकान में फैली शराब
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिलाओं द्वारा की गई तोड़फोड़ के दौरान बड़ी संख्या में शराब की बोतलें और पेटियां टूट गईं। इससे शराब दुकान के अंदर फैल गई। इसी दौरान कथित तौर पर किसी महिला ने जलती हुई माचिस की तीली दुकान के अंदर फेंक दी। इसके बाद आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरी दुकान आग की लपटों से घिर गई। आग की सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की टीम और शराब ठेकेदार के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए, लेकिन तब तक दुकान में रखा शराब का बड़ा स्टॉक जलकर खाक हो चुका था। प्रारंभिक तौर पर शराब ठेकेदार को करीब 10 लाख रुपए या उससे अधिक के नुकसान की बात सामने आ रही है। हालांकि नुकसान का वास्तविक आंकड़ा जांच और आकलन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
शराब के खिलाफ महिलाओं ने क्यों उठाईं लाठियां
नया अमोला में महिलाओं के इस आक्रोश के पीछे सागर के बंडा में शराब पीने से हुई मौतों को भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। घटना के बाद मृतकों के परिवार की महिलाओं के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन्हें देखकर नया अमोला की महिलाओं में भी अपने परिवार के उन सदस्यों को लेकर चिंता बढ़ गई, जो शराब के आदी बताए जाते हैं।
महिलाओं को डर है कि शराब की लत के चलते उनके परिवार का कोई सदस्य भी जहरीली या अवैध शराब का शिकार न हो जाए। इसी आक्रोश में महिलाओं ने पहले कथित कच्ची शराब के ठिकाने को निशाना बनाया और इसके बाद गांव की शराब दुकान में तोड़फोड़ कर दी।
कार्रवाई पर भी उठे सवाल
महिलाओं के इस तरह सड़कों पर उतरने की घटना ने गांव में शराब की बिक्री और कथित अवैध शराब के कारोबार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शराब की अवैध बिक्री और नशे के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई हो, तो महिलाओं को कानून हाथ में लेने की स्थिति तक नहीं पहुंचना पड़ेगा।
फिलहाल पुलिस और आबकारी विभाग पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहे हैं। आग किस परिस्थिति में लगी और इसमें किसकी भूमिका रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।