7 साल पुरानी रंजिश में फूफा की बेरहमी से हत्या!सिरसौद पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा, आरोपी दिलीप रावत मथुरा से गिरफ्तार; न्यायालय ने भेजा जेल

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शिवपुरी। सिरसौद थाना क्षेत्र में 21 अगस्त को हुई मोहर सिंह रावत की हत्या के मामले में पुलिस ने करीब तीन सप्ताह बाद अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए आरोपी दिलीप रावत निवासी भौराना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे करीब 7-8 साल पुरानी रंजिश सामने आई है। आरोपी मृतक का रिश्ते में भांजा बताया गया है।
पुलिया के नीचे मिला था शव
पुलिस के मुताबिक 22 अगस्त को मिथुन रावत ने थाना सिरसौद पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके पिता मोहर सिंह 21 अगस्त को दिलीप रावत के साथ छिमछिमा मंदिर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं आए। बाद में जानकारी मिली कि मोहर सिंह का शव रातीकिरार पुलिया के पास सड़क किनारे पड़ा है।
मर्ग जांच के दौरान चिकित्सक ने मृतक के सिर पर गंभीर चोटों के आधार पर हत्या की आशंका जताई। इसके बाद थाना सिरसौद में अपराध क्रमांक 232/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
CCTV और FSL से मिले अहम सुराग
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच की। एफएसएल और साइबर सेल की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। जांच के दौरान CCTV फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर दिलीप रावत पर संदेह गहराया।
पुलिस के अनुसार संदेह होने के बाद दिलीप गांव छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया।
पूछताछ में सामने आई पुरानी रंजिश
पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर दिलीप रावत को मथुरा, उत्तर प्रदेश से आते समय शिवपुरी में अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि करीब 7-8 वर्ष पहले उसके पिता प्रीतम रावत की मौत मोहर सिंह रावत के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। उसे शक था कि उसके पिता की मौत के पीछे मोहर सिंह का हाथ था।
पुलिस के अनुसार इसी पुरानी रंजिश के चलते 21 अगस्त को आरोपी ने मोहर सिंह के साथ मारपीट की और सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन आरोपी नशे की हालत में शव को अधिक दूर नहीं ले जा सका और मौके से फरार हो गया।
न्यायालय ने भेजा जेल
पुलिस ने आरोपी दिलीप रावत को गिरफ्तार कर न्यायालय शिवपुरी में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर, उनि जगदीश भिलाला, सउनि ब्रजपाल सिंह तोमर सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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