शिवपुरी। जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जांच रिपोर्ट और मोबाइल नंबरों के सत्यापन के आधार पर खनियाधाना और मायापुर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
मामला 1: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर 51 हजार की ठगी (खनियाधाना थाना)
खनियाधाना पुलिस ने मोबाइल नंबर 6232378702 की विस्तृत पड़ताल की। जांच में सामने आया कि इस नंबर के जरिए महाराष्ट्र (औरंगाबाद) निवासी अजिंक्या प्रकाश माली को खुद को पुलिस अधिकारी बताकर झांसे में लिया गया था। शातिर ठग ने पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में 51,600 रुपए अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसी नंबर से तमिलनाडु के एक अन्य व्यक्ति से भी ठगी की शिकायत दर्ज थी। सिम सत्यापन में यह नंबर रामरतन लोधी (71) निवासी मजरा फुटेरा (मुहारीखुर्द) के नाम पर पंजीकृत पाया गया। पुलिस ने नंबर के उपयोगकर्ता के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) BNS और 66(D) IT एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
मामला 2: खाते से उड़ाए 5 हजार रुपए (मायापुर थाना)
वहीं मायापुर थाना क्षेत्र में मोबाइल नंबर 7999120858 की जांच की गई, जिसका इस्तेमाल गुजरात के नवसारी में 12 जून 2026 को हुई 5,100 रुपए की साइबर ठगी में किया गया था। जांच करने पर उक्त सिम राममिलन लोधी निवासी ग्राम पायगा (कुटियाटोर) के नाम निकली। पीओएस एजेंट मुकेश तिवारी और सिम धारक से पूछताछ की गई, लेकिन राममिलन नंबर के इस्तेमाल के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
इसके बाद मायापुर पुलिस ने राममिलन लोधी के खिलाफ धारा 318(4), 319(2) BNS और 66(D) IT एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब इन सिम कार्डों के वास्तविक गिरोह और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है